कवर्धाछत्तीसगढ़

11 दिवसीय मत्स्य पालन प्रशिक्षण का हुआ समापन विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिलाओं को मत्स्य पालन हेतु किया गया प्रशिक्षित राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड के द्वारा तरेगांव जंगल में मछली पालन प्रशिक्षण संपन्न कवर्धा/- राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड के सहयोग से मनोज कुमार नायक डीडीएम नाबार्ड राजनांदगाँव – कबीरधाम के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार गाँधी ग्राम विकास समिति द्वारा एम.ई.डी.पी. योजना अंतर्गत कबीरधाम जिले में विकासखंड बोड़ला के तरेगांव जंगल क्लस्टर में आजीविका संवर्धन करने हेतु विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिलाओं के लिए 11 दिवसीय मत्स्य पालन प्रशिक्षण का समापन 8 मार्च 2024 को वनधन विकास केंद्र तरेगांव जंगल में किया गया । 11 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में 38 विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिलाओं ने उत्साह पूर्वक भागीदारी निभाया। विषय विशेषज्ञों द्वारा मछली पालन के विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्रदान कर व्यवसायिक मछली पालन के लिए प्रशिक्षित किया गया । जिसमें मछली पालन के लिए जल प्रबंधन, उत्तम किस्म की मछली बीज का चयन, तालाब निर्माण एवं तैयार करना, सुखा तालाब प्रबंधन, जल गुणवत्ता, बीज की मात्रा, प्रजाति, बीज का समय एवं बीज प्राप्त करने का स्थान, मछलियों में होने वाली बीमारी, मछली आहार, चारा निर्माण, विभागीय योजनाएं एवं बैंकिंग से संबंधित योजनाओं के बारे में भी सभी प्रतिभागियों को विस्तारपूर्वक बताया गया । प्रशिक्षण के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी दी गई जिसमें मछली बीज के संदर्भ में बताया गया कि एक एकड़ में कम से कम 3 से 4 हजार मछली बीज डाला जाना चाहिए। जिससे प्रति एकड़ मछली पालन करने वाले समूह को 3 लाख रुपये से अधिक आय प्राप्त हो सकता है। प्रशिक्षकों में काशीराम वर्मा संस्थापक ग्रामोदय केंद्र, पुष्पेंद्र तिवारी शाखा प्रबंधक छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा बैजलपुर, ए.आर. नायडू रेंजर वन विभाग, जे. एस. चौहान एसडीओ वन विभाग, कुलदीप पटेल वनधन विकास केंद्र प्रभारी, विजय चंद्रवंशी पूर्व वरिष्ठ शाखा प्रबंधक एवं पूर्व एफ एल सी लीड बैंक एस बी आई, मोहन सिंह कोकोड़े वरिष्ठ समन्वयक ग्रामोदय केंद्र, नीलेश चंद्रवंशी मत्स्य निरीक्षक मत्स्य पालन विभाग, गणेश धुर्वे, कोमल सिंह धारवैया, श्रीमती चित्रारेखा, पार्वती अर्मो, दुर्गा सिंह जिला समन्वयक सी एफ एल टीम, टी आर मंडावी एफ एल सी लीड बैंक कवर्धा, गीता धुर्वे, आराधना बंजारे परामर्शदाता स्वास्थ्य विभाग, श्रीमती अनुसुईया जायसवाल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उपेंद्र साहू एफ ई इस रायपुर एवं सीता देवी पी आर पी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया । प्रशिक्षण में ग्राम घटमुंड़हा, जूनपानी, इंद्रीपानी, लालमाटी एवं पिपरहा के 9 महिला स्व सहायता समूह के 38 विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिला सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया । सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण अवधि में एक दिवसीय एक्सपोजर विजिट भी कराया गया। जिसमें खुड़िया बांध राजीव गांधी जलाशय विकासखंड लोरमी, अचानकमार अभ्यारण्य के कोर जोन के ग्राम जाकड़बांधा में शराब नशामुक्ति समूह द्वारा किये जा रहे सफल मछली पालन का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र का वितरण भी किया गया । प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए गाँधी ग्राम विकास समिति के संस्था प्रमुख चंद्रकांत यादव, श्रीमती चित्रारेखा, कोमल सिंह धारवैया, श्रीमती पार्वती अर्मो, गणेश धुर्वे एवं मानस पटेल का सराहनीय योगदान रहा।

11 दिवसीय मत्स्य पालन प्रशिक्षण का हुआ समापन विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिलाओं को मत्स्य पालन हेतु किया गया प्रशिक्षित राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड के द्वारा तरेगांव जंगल में मछली पालन प्रशिक्षण संपन्न कवर्धा/- राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड के सहयोग से मनोज कुमार नायक डीडीएम नाबार्ड राजनांदगाँव - कबीरधाम के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार गाँधी ग्राम विकास समिति द्वारा एम.ई.डी.पी. योजना अंतर्गत कबीरधाम जिले में विकासखंड बोड़ला के तरेगांव जंगल क्लस्टर में आजीविका संवर्धन करने हेतु विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिलाओं के लिए 11 दिवसीय मत्स्य पालन प्रशिक्षण का समापन 8 मार्च 2024 को वनधन विकास केंद्र तरेगांव जंगल में किया गया । 11 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में 38 विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिलाओं ने उत्साह पूर्वक भागीदारी निभाया। विषय विशेषज्ञों द्वारा मछली पालन के विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्रदान कर व्यवसायिक मछली पालन के लिए प्रशिक्षित किया गया । जिसमें मछली पालन के लिए जल प्रबंधन, उत्तम किस्म की मछली बीज का चयन, तालाब निर्माण एवं तैयार करना, सुखा तालाब प्रबंधन, जल गुणवत्ता, बीज की मात्रा, प्रजाति, बीज का समय एवं बीज प्राप्त करने का स्थान, मछलियों में होने वाली बीमारी, मछली आहार, चारा निर्माण, विभागीय योजनाएं एवं बैंकिंग से संबंधित योजनाओं के बारे में भी सभी प्रतिभागियों को विस्तारपूर्वक बताया गया । प्रशिक्षण के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी दी गई जिसमें मछली बीज के संदर्भ में बताया गया कि एक एकड़ में कम से कम 3 से 4 हजार मछली बीज डाला जाना चाहिए। जिससे प्रति एकड़ मछली पालन करने वाले समूह को 3 लाख रुपये से अधिक आय प्राप्त हो सकता है। प्रशिक्षकों में काशीराम वर्मा संस्थापक ग्रामोदय केंद्र, पुष्पेंद्र तिवारी शाखा प्रबंधक छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा बैजलपुर, ए.आर. नायडू रेंजर वन विभाग, जे. एस. चौहान एसडीओ वन विभाग, कुलदीप पटेल वनधन विकास केंद्र प्रभारी, विजय चंद्रवंशी पूर्व वरिष्ठ शाखा प्रबंधक एवं पूर्व एफ एल सी लीड बैंक एस बी आई, मोहन सिंह कोकोड़े वरिष्ठ समन्वयक ग्रामोदय केंद्र, नीलेश चंद्रवंशी मत्स्य निरीक्षक मत्स्य पालन विभाग, गणेश धुर्वे, कोमल सिंह धारवैया, श्रीमती चित्रारेखा, पार्वती अर्मो, दुर्गा सिंह जिला समन्वयक सी एफ एल टीम, टी आर मंडावी एफ एल सी लीड बैंक कवर्धा, गीता धुर्वे, आराधना बंजारे परामर्शदाता स्वास्थ्य विभाग, श्रीमती अनुसुईया जायसवाल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उपेंद्र साहू एफ ई इस रायपुर एवं सीता देवी पी आर पी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया । प्रशिक्षण में ग्राम घटमुंड़हा, जूनपानी, इंद्रीपानी, लालमाटी एवं पिपरहा के 9 महिला स्व सहायता समूह के 38 विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिला सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया । सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण अवधि में एक दिवसीय एक्सपोजर विजिट भी कराया गया। जिसमें खुड़िया बांध राजीव गांधी जलाशय विकासखंड लोरमी, अचानकमार अभ्यारण्य के कोर जोन के ग्राम जाकड़बांधा में शराब नशामुक्ति समूह द्वारा किये जा रहे सफल मछली पालन का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र का वितरण भी किया गया । प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए गाँधी ग्राम विकास समिति के संस्था प्रमुख चंद्रकांत यादव, श्रीमती चित्रारेखा, कोमल सिंह धारवैया, श्रीमती पार्वती अर्मो, गणेश धुर्वे एवं मानस पटेल का सराहनीय योगदान रहा।

11 दिवसीय मत्स्य पालन प्रशिक्षण का हुआ समापन

विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिलाओं को मत्स्य पालन हेतु किया गया प्रशिक्षित

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड के द्वारा तरेगांव जंगल में मछली पालन प्रशिक्षण संपन्न

कवर्धा/- राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड के सहयोग से मनोज कुमार नायक डीडीएम नाबार्ड राजनांदगाँव – कबीरधाम के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार गाँधी ग्राम विकास समिति द्वारा एम.ई.डी.पी. योजना अंतर्गत कबीरधाम जिले में विकासखंड बोड़ला के तरेगांव जंगल क्लस्टर में आजीविका संवर्धन करने हेतु विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिलाओं के लिए 11 दिवसीय मत्स्य पालन प्रशिक्षण का समापन 8 मार्च 2024 को वनधन विकास केंद्र तरेगांव जंगल में किया गया । 11 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में 38 विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिलाओं ने उत्साह पूर्वक भागीदारी निभाया। विषय विशेषज्ञों द्वारा मछली पालन के विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्रदान कर व्यवसायिक मछली पालन के लिए प्रशिक्षित किया गया । जिसमें मछली पालन के लिए जल प्रबंधन, उत्तम किस्म की मछली बीज का चयन, तालाब निर्माण एवं तैयार करना, सुखा तालाब प्रबंधन, जल गुणवत्ता, बीज की मात्रा, प्रजाति, बीज का समय एवं बीज प्राप्त करने का स्थान, मछलियों में होने वाली बीमारी, मछली आहार, चारा निर्माण, विभागीय योजनाएं एवं बैंकिंग से संबंधित योजनाओं के बारे में भी सभी प्रतिभागियों को विस्तारपूर्वक बताया गया । प्रशिक्षण के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी दी गई जिसमें मछली बीज के संदर्भ में बताया गया कि एक एकड़ में कम से कम 3 से 4 हजार मछली बीज डाला जाना चाहिए। जिससे प्रति एकड़ मछली पालन करने वाले समूह को 3 लाख रुपये से अधिक आय प्राप्त हो सकता है। प्रशिक्षकों में काशीराम वर्मा संस्थापक ग्रामोदय केंद्र, पुष्पेंद्र तिवारी शाखा प्रबंधक छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा बैजलपुर, ए.आर. नायडू रेंजर वन विभाग, जे. एस. चौहान एसडीओ वन विभाग, कुलदीप पटेल वनधन विकास केंद्र प्रभारी, विजय चंद्रवंशी पूर्व वरिष्ठ शाखा प्रबंधक एवं पूर्व एफ एल सी लीड बैंक एस बी आई, मोहन सिंह कोकोड़े वरिष्ठ समन्वयक ग्रामोदय केंद्र, नीलेश चंद्रवंशी मत्स्य निरीक्षक मत्स्य पालन विभाग, गणेश धुर्वे, कोमल सिंह धारवैया, श्रीमती चित्रारेखा, पार्वती अर्मो, दुर्गा सिंह जिला समन्वयक सी एफ एल टीम, टी आर मंडावी एफ एल सी लीड बैंक कवर्धा, गीता धुर्वे, आराधना बंजारे परामर्शदाता स्वास्थ्य विभाग, श्रीमती अनुसुईया जायसवाल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उपेंद्र साहू एफ ई इस रायपुर एवं सीता देवी पी आर पी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया । प्रशिक्षण में ग्राम घटमुंड़हा, जूनपानी, इंद्रीपानी, लालमाटी एवं पिपरहा के 9 महिला स्व सहायता समूह के 38 विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिला सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया । सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण अवधि में एक दिवसीय एक्सपोजर विजिट भी कराया गया। जिसमें खुड़िया बांध राजीव गांधी जलाशय विकासखंड लोरमी, अचानकमार अभ्यारण्य के कोर जोन के ग्राम जाकड़बांधा में शराब नशामुक्ति समूह द्वारा किये जा रहे सफल मछली पालन का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र का वितरण भी किया गया । प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए गाँधी ग्राम विकास समिति के संस्था प्रमुख चंद्रकांत यादव, श्रीमती चित्रारेखा, कोमल सिंह धारवैया, श्रीमती पार्वती अर्मो, गणेश धुर्वे एवं मानस पटेल का सराहनीय योगदान रहा।

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