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कलेक्टर जनमेजय पहुंचे वनांचल ग्राम जामुनपानी गोठान का किया अवलोकन,गौठानों में छांव, पानी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने दिए निर्देश

कलेक्टर ने सुराजी गांव और गौधन न्याय योजना की समीक्षा की

कवर्धा। राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली सुराजी गांव योजना से संचालित जिले के गौठानों पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर आधारित गतिविधियों और रोजगार मूलक कार्यों को फोकस किया जाएगा। गोठानों में गोबर खरीदी के साथ-साथ जैविक खाद का निर्माण और कृषि, उद्यानिकी,पशुधन और मछली पालन जैसे रोजागर मूलक गतिविधयों को प्रभावी ढंग से क्रियान्यन किया जाएगा।

कलेक्टर जनमेजय महोबे ने आज राज्य शासन की प्राथमिकता वाली सुराजी गांव योजना के संचालित गौठान और गोधन न्याय योजना की समीक्षा की। उन्होने कहा कि यह दोनों योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की उद्ेश्य से सचांलित हैं। गौधन न्याय योजना से एक तरह जहां गोठान समिति, समूह और चरवाहें को रोजगार मिल रहा है वहां गौपालक किसानों, श्रमिकों को गोधन न्याय योजन से आय के नए स्त्रोत बन रहे है। कलेक्टर ने गोठान संचालन और गोधन न्याय योजना के बेहतर क्रियान्वयन करने के सख्त निर्देश दिए है। उन्होने जिले में संचालित सभी 399 गोठानों की स्थिति की समीक्षा की। कलेक्टर ने जिले के सभी चयनित गौठानों में प्राथमिकता में गोबर खरीदी और समूह द्वारा जैविक खाद का निर्माण की योजना को क्रियान्वयन करने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक जिले में 3 लाख 69 हजार 983 क्विंटल इस योजना के तहत गोबर की खरीदी कर ली गई है। जिले के गौपालकों एवं गोबर विक्रेताओं को अब तक गोधन न्याय योजना के तहत 7 करोड़ 39 लाख 96 हजार 698 रूपए का उनके बैक खातों के माध्यम से सीधे भूगतान कर लिया गया है।


कलेक्टर ने गोठानों में पेयजल के लिए पंप की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने बैठक के बाद बोडला विकाससखण्ड के सूदूर वनांचल ग्राम जामुनमानी और रोल में संचालित गोठान की स्थिति की अवलोकन किया। उन्होने गौठानों का निरीक्षण करते हुए जिले के सभी गौठानों में पर्याप्त छांव व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उनहोने कहा कि जिन गौठानो में कच्चा शेड आंधी-तूफान व तेज हवा में क्षतिग्रस्त हो गए है ऐसे शेड को मरम्मत करने के लिए कहा है। साथ ही सभी गौठानों में पानी की व्यवस्था, चारा की उपलब्धता, सुरक्षा की दृष्टि से तार फेंनसिंग की व्यवस्था को दूरूस्त करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने गौठानों की समीक्षा करते हुए कहा की जिन-जिन गौठानों में पर्याप्त पानी की व्यवस्था है ऐसे सभी गोठानों में नैपियर घास का लगाने के लिए पशुधन विकास विभाग को निर्देशित किया है। वही गोठानों में प्राकृतिक रूप से छांव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मानसून के दौरान गोठानों में छायादार एवं फलदार पौधा रोपण के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने रोजगार मुलक गविधियों की समीक्षा की। उन्होने गौठानों में महिला स्वसहायता समूहों को जैविक खाद निर्माण के अलावा अन्य रोजगारमूलक गतिविधियां जैसे कुक्कुट पालन, जहां तालाब की व्यवस्था है वहां मछली पालन, सामुदायिक बाड़ी विकास, बकरी पालन को प्राथमिकता में मांग के आधार पर स्वीकृति के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण एवं बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, बोडला एसएसडीएम  संदीप ठाकुर, उपसंचालक पशुधन, कृषि, उद्यानिकी, एवं मछलीपालन अधिकारी, जनपद सीईओ उपस्थित थे।

खुले में चाराई की वजह से नहीं हो रही गौठान में पशुओं की उपस्थिति

कलेक्टर  जनमेजय महोबे ने गोठानों के निरीक्षण के दौरान वहां गौवंशीय जानवरों की उपस्थिति के बारे में ग्रामीणों से चर्चा की। यहां ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के बाद गांवों में जानवरों को खुले में चराई के लिए छोड़ दिया जाता है, इसलिए यहां जानवरों की नियमित उपस्थिति नहीं हो रही है। आने वाले खेती किसानी और रोका-छेका अभियान के बाद फिर से गौठानों में नियमित रूप से गौवंशीय जानवरों की उपस्थिति होगी। वहीं कलेक्टर ने पशुपालन विभाग के उपसंचालन को गौठानों में जानवरों की उपस्थिति बनाने और जानकरों में फैल रही संक्रामक बीमारियों के रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान बनाने के निर्देश दिए है।

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