छत्तीसगढ़

गैर जमानती धारा में लेनदेन का मामला,18 घण्टे थाना में बैठाने और डाक्टरी मुलायाजा नही करना?, एक पक्षी कार्यवाही करना?,आरोपी बना कर खुला छोड़ना? थाना प्रभारी संदेह के दायरे में…जानिए पूरा घटना…

मामला – कुकदुर पुलिस थाना क्षेत्र जिला कबीरधाम छत्तीसगढ़
दिनांक – 15 मार्च
धटना स्थल – चितहरिन माता मंदिर के पास
मामला-  छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है जबरन।

मनीष कोरी कुंडा निवासी के बताए अनुसार– मनीष अपने बुआ के घर घूमने गया था, वापस लौटते समय एक मोटरसाइकिल पर एक पुरूष और एक महिला  sawar थे मनीष के साथ उसके दोस्त था अचानक द्रक निकला तो अनबैलेंस होकर दूसरे मोटरसाइकिल में हल्का से टकराया जिसकी वजह से बहस हुई और वहाँ से दोनों निकल गए ,आगे रहमान कापा गांव में रुकवा कर मारपीट किये और जिसमे मनीष को चोट लगी फिर 112 मदत के लिए पहुंची और पंडरिया थाना ले गए बाद में 15 मार्च रात्रि 1 बजे कुकदुर थाना लेकर गए लगभग 18 घण्टे थाना में हथकड़ी लगा कर बैठाया गया 16 मार्च शाम लगभग 5 बजे परिजन पहुंचे और थाना में 30हजार रुपये की मांग की जिसमे 10 हजार रुपये लेकर छोड़ा गया।

मनीष के शरीर मे बहोत ज्यादा मारने का चोट लगा हुआ है, डॉक्टरी मुलायाजा नही कराया गया, और थाना में 30 हजार रुपए का मांग किया गया जिसमें 10 हजार लेकर छोड़ दिया गया।
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जबकि मामला कुछ दूसरा था छेड़छाड़ नही हुआ था दो मोटरसाइकिल में लोग चल रहे थे अनबैलेंस होकर टकराया था जिसे दूसरा रूप दिया गया।
  सूक्ष्म जानकारी
1,डॉक्टरी मुलाइजा, एवं 2,थाना में 18 घण्टे बैठाकर रखा गया,3 एफआईआर के बाद आरोपी को कैसे छोड़ा गया थाने से पुलिस को रिमांड पर लेना था।मामला लेनदेन कर रफादफा करने का।

व्यास नारायण चुरेन्द्र, टी आई कुकदुर के बताए अनुसार–
मनीष कोरी के विरुद्ध धारा 345,34 लगाया गया।
अपराध क्रमांक – 36 /2024। और छोड़ दिया गया है

टी आई के अनुसार जब मामला छेड़छाड़ धारा 354,34का है, जो गैर जमानती धारा हैं फिर एक पक्षी कार्यवाही करते हुए छोड़ना कही ना कहीं पुलिस प्रभारी संदेह के दायरे में है।

मामले की विवेचना- प्रभात चंद्रवंशी

विशेष जांच का मामला है

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