छत्तीसगढ़

जिला जेल धमतरी में कराया गया योग एवं स्वास्थ्य परीक्षण

धमतरी। धमतरी में महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं छ.ग. रायपुर की पहल पर प्रभारी जेल अधीक्षक एवं संयुक्त कलेक्टर विनय कुमार पोयाम के मार्गदर्शन में जिला जेल धमतरी में जेल एवं आयुष विभाग के वार्षिक कार्ययोजना के तहत प्रतिमाह जेल में परिरूद्ध बंदियों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम योग एवं आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में 04 जून से दिनांक 08 जून तक पांच दिवसीय योग शिविर लगाकर जिला धमतरी के आयुष पाली क्लीनिक की डॉ. रेवती नेताम योग चिकित्सक एवं योग सहायिका कुमारी सृष्टि मगर एवं कुमारी रूचि साहू के द्वारा बंदियों को योग एवं आयुर्वेद के बारे में जानकारी दी गई l साथ ही योग एवं प्राणायाम योगाभ्यास करवाया गया।

बंदियों का उत्साहवर्धन करते हुए सहायक जेल अधीक्षक श्री एन. के. डहरिया ने भी योगाभ्यास किया। सुबह छः से सात बजे तक आयोजित इस योगाभ्यास में क्रमशः बैठकर, खड़े होकर एवं लेट कर किए जाने वाले योगासनों का अभ्यास कराया गया। साथ ही बंदियों को मानसिक तनाव से निजात दिलाने एवं कमजोर पाचन तंत्र मजबूत करने और फेफडा, मस्तिष्क में आक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने वाले सर्वाइकल, कमर दर्द, पीठ दर्द, हाथ पैर दर्द दूर करने वाले योगासनों का लाभ बताते हुए योग अभ्यास करवाया। जिसमें पर्वत आसन, शशांक आसन, तितली आसन, उष्ट्रासन, शव आसन, पवनमुक्त आसन सहित 15 प्रकार के अलग-अलग योग का अभ्यास शामिल हैं।

इस अवसर पर प्रणायाम में अनुलोम- विलोग, कपालभाति एवं भ्रामरी का अभ्यास करवा कर मन को शांत रखने के तरीके भी बताएं। योग सहायिका रूचि साहू ने बंदियों को प्रत्येक आसन करके दिखाया। जिला जेल के सहायक अधीक्षक श्री डहरिया ने कहा कि बंदियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रखने हर माह जेल प्रशासन की ओर से योग का कार्यकम करवाया जा रहा है, ताकि सभी बंदी योग सीखकर प्रतिदिन की अपने दिनचर्या में योग को शामिल कर अपने आप को स्वस्थ्य रख सके। बंदीगण जेल में आने के बाद परिवार से दूर हो जाते है, इसलिए तनाव का शिकार हो जाते है। मानसिक तनाव की स्थिति में गुजरते है, तो मन में नकारात्मक बाते घर कर जाती है। इससे अवसाद जैसी मानसिक विकार के शिकार हो जाते है। परिणामस्वरूप कोई भी अप्रिय कार्य करने के लिए दुष्प्रेरित होते है। योग शारीरिक एवं मानसिक स्वस्थ्य के लिए आवश्यक है। जेल में लगने वाले शिविर में बंदी योग सीखते है एवं प्रतिदिन प्रातः योगाभ्यास करते है। शिविर के अंतिम दिन जेल में परिरूद्ध 262 बंदीगण व अधिकारी,कर्मचारीगण योग एवं प्राणायाम में भाग लिए।

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