छत्तीसगढ़

पोटाश बम से भालू का शिकार करने वाले 2 आरोपी गिरफ़्तार

गरियाबंद। उदंती सीता नदी अभ्यारण्य इलाके में पोटाश बम से भालू का शिकार करने वाले 2 आरोपियों को 25 दिनों बाद एंटी पोचिंग टीम ने ओडिशा बॉर्डर कालीमाटी से गिरफ्तार किया। ये आरोपी मध्यप्रदेश के शिकारी से बम खरीदकर भालू का शिकार करते थे। इस कार्रवाई में गरियाबंद पुलिस साइबर सेल का अहम योगदान रहा। आरोपियों का मध्य भारत में सक्रीय बड़े गिरोह में शामिल होने की आशंका जताई जा रही।

 

2020 में भी बच निकला था मध्यप्रदेश का शिकारी

सोमवार को गोपनीय सूचना से खबर मिली कि इंदागांव (घुरवागुड़ी) बफर परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 1243 पहाड़ी के नीचे पोटाश बम से भालू का शिकार किया गया है। इसके बाद सुधीर अग्रवाल प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर छत्तीसगढ़, विश्वेश कुमार झा मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी), क्षेत्र संचालक उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व रायपुर एवं वरुण जैन, उपनिदेशक उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व गरियाबंद के मार्गदर्शन में आरोपी हजारी पिता तुलसीराम एवं उत्तम पिता खगेश्वर को एन्टी पोचिंग टीम ने गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए कार्यालय सहायक संचालक उदंती (मैनपुर) लाया। दोनों आरोपियों ने पोटाश बम से भालू का शिकार करने की बात कही।

पोटाश बम से 6 सुअरों का कर चुके हैं शिकार

आरोपियों ने बताया, एक साल पहले कटनी मध्यप्रदेश से आए शिकारी समुदाय के व्यक्ति से 500 रुपए में 1 पोटाश बम का क्रय किया। आरोपी हजारी ने आरोपी उत्तम के साथ मिलकर पोटाश बम से पांच से छः सुअर का शिकार किए हैं और सुअर के मटन को पांच सौ रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक्री किया और मध्यप्रदेश के शिकारी से पोटाश बम खरीदकर 8 अप्रैल को भालू का शिकार किया। दोनों आरोपियों के विरुध्द मामला दर्ज कर भुपेन्द्र कुमार सोनी वनपाल सहायक परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।

आरोपियों के घर से पहले ही भालू का चमड़ा एवं 1 नाखून, जंगली सूअर का जबड़ा एवं 3 दांत, गोहिया (मॉनिटर लिजार्ड) का चमड़ा एवं फंदे बरामद किया जा चुका है। इस कार्रवाई में एन्टी पोचिंग टीम सुशील सागर परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव (धुरवागुड़ी) बफर, गरियाबंद पुलिस साइबर सेल प्रभारी सतीश यादव, वनरक्षक डोमार कश्यप, ओम प्रकाश राव, फलेश्वर दीवान, विरेन्द्र ध्रुव, भुपेन्द्र भेड़िया,, यज्ञ मालती यादव एवं इंदागांव (धुरवागुड़ी) स्टॉफ का विशेष योगदान रहा।

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