कवर्धाछत्तीसगढ़

ग्रामीणों को रोजगार देने में कबीरधाम जिला राज्य में प्रथम स्थान पर

महात्मा गांधी नरेगा योजना से जिले के ग्रामीण हो रहे लाभान्वित,गांव में ही मिल रहा रोजगार

चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम माह में 49712 पंजीकृत परिवारों को 6.83 लाख मानव दिवस का रोजगार

कवर्धा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में कबीरधाम जिले के ग्रामीण परिवारों को लगातार रोजगार मिल रहा है। वर्तमान में 86225 पंजीकृत मजदूर कार्य कर रहे हैं जो पूरे प्रदेश में नियोजित मजदूर संख्या में सबसे ज्यादा है। इसी तरह चालू वित्त वर्ष के महा अप्रैल 2023 में अभी तक 7.06 लाख मानव दिवस रोजगार प्रदाय का लक्ष्य रखा गया था जिसमे 6.83 लाख मानव दिवस का रोजगार ग्रामीणों को प्रदान किया गया है जोकि लक्ष्य का 97 प्रतिशत होकर राज्य में ज़िले का दूसरा स्थान है। अभी तक 49712 पंजीकृत परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराते हुए 10 करोड़ 94 लाख 6 हजार रुपए का मजदूरी भुगतान ग्रामीणों को उनके बैंक खातों में किया जा चुका है।

रोजगार देने में कबीरधाम जिला अग्रणी-कलेक्टर  जनमेजय महोबे

कलेक्टर कबीरधाम जनमेजय महोबे ने बताया कि जिले के 393 ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों की मांग पर अनेक कार्य खोले गए हैं तथा अभी 891 कार्य चल रहे हैं जिसमे प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है। महा अप्रैल मई एवं जून में ग्रामीणों को काम की तलाश रहती है इस दौरान उन्हें सबसे ज्यादा रोजगार प्रदाय किया जाता है। उन्होंने बताया कि मैदानी कर्मचारियों की लगातार समीक्षा करते हुए जिले के प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीणों को रोजगार गारंटी योजना से कार्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों में पर्याप्त मात्रा में कार्यों की स्वीकृति पूर्व से करके रखी गई है जो ग्रामीणों की मांग पर प्रारंभ किए जा रहे हैं। साथ ही निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यस्थल पर काम के दौरान निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए ग्रामीणों को समय सीमा में मजदूरी भुगतान किया जाए। मनरेगा अंतर्गत चल रहा है सभी कार्यों का नियमित मॉनिटरिंग एवं निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं तथा सभी जनपद पंचायत के सीईओ कार्यक्रम अधिकारी एवं अन्य मैदानी अमले लगातार फील्ड विजिट कर रहे हैं।

जल संरक्षण की दिशा में नरेगा योजना से हो रहे हैं अनेक कार्य- सीईओ जिला पंचायत

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप कुमार अग्रवाल ने बताया कि जिले के सभी ग्राम पंचायतों में मजदूरी मूलक कार्य खोले गए हैं। जिसमें तालाब निर्माण डबरी निर्माण सड़क मिट्टी करण कच्ची नाली निर्माण नाला गाद सफाई जैसे अनेक कार्य शामिल है। सामुदायिक एवं हितग्राही मूलक कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में परिसंपत्ति निर्माण का कार्य हो रहा है। मनरेगा योजना के तहत जल संरक्षण की दिशा में प्रयास करते हुए अधिक से अधिक तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। संदीप कुमार अग्रवाल ने आगे बताया कि सामान्य भूजल संरचना के अतिरिक्त जिले में 86 अमृत सरोवर की स्वीकृति की गई है जिनमें से 70 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 11 कार्य प्रगति पर है। प्रत्येक अमृत सरोवर कम से कम 1 एकड़ के क्षेत्र में बनाया गया है जिसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण एवं जल संचय के साथ स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को आजीविका के गतिविधियों से जोड़ना है।

एक नजर वित्तीय वर्ष 2022-23 की उपलब्धियों पर

जिले में वित्तीय वर्ष 2022-23 में 64.06 लाख मानव दिवस रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य था जिसमें 62.75 लाक मानव दिवस का रोजगार ग्रामीणों को प्रदान किया गया जो लक्ष्य का 98 प्रतिशत था। इस तरह रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य में कबीरधाम जिले का पांचवा स्थान था जो बहुत से बड़े जिलों से अधिक हैं। 134276 पंजीकृत परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराते हुए 104 करोड़ 28 लाख 74 हजार रुपए का मजदूरी भुगतान ग्रामीणों को किया गया साथ में 13600 परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया।

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