कवर्धाछत्तीसगढ़

संतोष की नैया कैसे लगेगी पार?

कवर्धा। राजनांदगांव लोकसभा सीट एक हाई प्रोफाइल सीट के रूप में देखी जा रही है यहां से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मैदान में आने से यह चुनाव काफी रोमांचक हो गया है। पीएम मोदी सहित बीजेपी के कई बड़े धाकड़ नेताओं ने छत्तीसगढ़ की 11 सीटों के लिए रात दिन एक कर दिए है। वहीं राजनांदगांव सीट पर कल मतदान होना है और चुनावी प्रचार प्रसार रथ का पहिया कल शाम 6 बजे से थम चुका है ऐसे में जाहिर है उम्मीदवारों की दिल की धड़कन बढ़ी हुई है।

बात करते हैं राजनांदगांव लोकसभा सीट के बीजेपी उम्मीदवार संतोष पांडेय की जो वर्तमान में बीजेपी से मौजूदा सांसद है। इनका कार्यकाल देखा जाए तो कुछ खास नहीं रहा है। केंद्र में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद भी लोकसभा क्षेत्रवासियों के लिए कुछ खास प्रयास नहीं कर पाए। कबीरधाम जिले के लोगों की माने तो सांसद पांडेय अपने पूरे कार्यकाल में आम जनता से नही जुड़ पाए। यही वजह है कि आज जनता विकल्प के रूप में भूपेश बघेल को सहस्र स्वीकार कर रहे हैं। राजनांदगांव सीट से सांसद पांडेय को पुनः टिकट दिए जाने के बाद से ही पार्टी के काफी लोगों में नाराजगी थी और उनकी निष्क्रियता की चर्चा खूब चली थी। सांसद पांडेय कबीरधाम गृह जिले से आते हैं उसके बाद भी चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से उनका दौरा कार्यक्रम ज्यादातर राजनांदगांव जिले के लिए रहा और कबीरधाम के जनताओं को नजरंदाज किया गया।

कबीरधाम जिले के अधिकांश गांवों के मतदाता तो उन्हें जानते तक नहीं है कि पूर्व में कौन सांसद थे और वर्तमान में कौन उम्मीदवार है। हमने पंडरिया विधानसभा के कई ग्रामों के मतदाताओं से इस संबंध में चर्चा किया और उनका राय लिया जहां सांसद पांडेय को कभी नहीं देखने की बात सामने आई। वहीं हमने पूर्व मुख्यमंत्री एवं मौजूदा कांग्रेस उम्मीदवार भूपेश बघेल के विषय में पूछा तो लोगों ने सहजता से पहचानने की बात कही। गांव में कई किसान भी मौजूद थे जिन्होंने बताया कि भूपेश बघेल ने किसानों की आर्थिक उत्थान के लिए बहुत बड़ा कदम उठाया और उसे जिम्मेदारी से पूरा भी किया। प्रदेश में आज किसान खुशहाल है तो भूपेश बघेल की देन है। भूपेश बघेल किसान हितैषी है और हम किसानों का समर्थन उन्हें ही है।

2019 के लोकसभा चुनाव की अगर बात करें तो मौजूदा सांसद संतोष पांडेय ने 111966 मतों से कांग्रेस के भोलाराम साहू को हराकर जीत हासिल की थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी मैजिक बरकरार था और इसी मैजिक के सहारे संतोष पांडेय की नैया पार लगी थी। पर इस बार ना कोई मैजिक दिखाई दे रहा है ना ही विपक्ष में कोई साधारण प्रतिद्वंदी, फिर कैसे लगेगी नैया पार ये सहज विचार लोगों के मन में है। सूत्रों के अनुसार और इस बार राजनांदगांव लोकसभा की जनता ने सोच समझकर वोट देने का मन बना लिया है जिसका खुलासा 4 जून को ही होगा।

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